वेरी वेरी bad

एक लड़का इंजिनीरिंग में पढ़ाई करता था उसका बाप तिलक दहेज के लिए अति आशान्वित था।पर लड़का लवेरिया के चक्कर मे कोर्ट में शादी कर प्रेमिका के साथ घर आता है ।यह देख दहेजलोभी बाप उबल पड़ता है,आशीर्वाद की जगह बबाल काटता है और यूं प्रलाप करता है।

शीर्षक:वेरी वेरी बैड

#युगल वर वधु को देखकर,
घर का द्वार रोककर,
बाप चिल्लाता है--
"उल्लू का पठ्ठा
बैठाया मेरा भट्ठा
न तिलक ,न दहेज
मात्र सनसनीखेज।।
               सुवर का छेवना
               बकरी का मेमना
               मेरा बेड़ा किया गर्क
              मुझे जिंदा भेजा नरक।।
हरामी का  तू पिल्ला
पैदा करने का यही दिया सिला,
अरमानों को कर दिया चकनाचूर,
हो जाओ  मेरी नजरो से दूर।।
                  इज्ज़त को करके खाक
                     तूने कटवा दी मेरी नाक
                    तू निकला नाक का नेटा
                  अब न मैं बाप,न तू मेरा बेटा।।
फ्री में ले आया गोरी गुड़िया
दे दे मुझे तू जहर की पुड़िया
भाग जा गधा का बच्चा
समझता था तुम्हे सच्चा।।
                    शैतान की औलाद
                   व्यर्थ बनाया फौलाद
                      ऐसा खिलाया गूल
                  कि गोतिया मार रहा है ठूल।।
तू तो जालिम निकला पक्का
मुझे लाखों का दिया धक्का,
जा अब कुतिया( सास) को कहना मम्मी
और उस कुत्ते (ससुर)को कहना डैड
      वेरी वेरी वेरी बैड।।"

                   नरेंद्र सिंह 
              दिनांक 13/03/2019

                  

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