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सारे विश्व मे अच्छा हिन्दू धर्म हमारा
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👌मेरा धर्म सर्वश्रेष्ठ धर्म👌 सारे विश्व में अच्छा हिंन्दू धर्म हमारा अनादि काल से धरा पर ये पावन धर्म हमारा। कई युगों से है ये; जबसे सूर्य,चन्द्र सितारा, यही एक सिखाता है आपस मे भाई चारा। । सारे जहां में अच्छा --- न्याय नीति पर चलना जिसे सभी जीव है प्यारा ये हमारा धर्म है न्यारा जो देता विश्व बंधुत्व का नारा ।।सारे जहां में अच्छा-- इसके रक्षक है हम जबतक स्वांस हमारा जो धर्म पर उठाएगा नज़र वो देखेगा अपनी मौत का नज़ारा।। सारे जहां में अच्छा, ये हिन्दू धर्म हमारा अनादि काल से धरा पर ये पावन धर्म हमारा ।। इति नरेंद्र 21.08.2020
जलन
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जलन जलन एक ज्वलन्त बीमारी है जो कोरोना से भी भयावह है।जलन में लोग तिल तिल कर मरता है ।अधिकांश शारीरिक रोग व्याधि का जड़ जलन ही है।आज देशभक्तों से चमचों की जलन काफी देखने को मिलती है।ज्योहीं सरकार की ,देश की कुछ अच्छाई का उल्लेख करेंगे तो चमचे में तत्काल जलन होती है और तुरन्त भद्दी प्रतिक्रिया कर आपको अंध भक्त कह देगा। राजनीति में ही नहीं, आम लोगों में भी ये बीमारी प्राचीन काल से है,जिससे भाई चारे और सम्बन्धों पर खराब असर पड़ते रहा है। जलन को परखना बहुत ही आसान है।कोई जलनशील प्राणी के सामने आप किसी राम श्याम की प्रशंसा कर देखे ,तुरन्त वह राम श्याम के नकारात्मक पहलू रख देगा ,या निंदा कर देगा या ऐसी की तैसी बातों से ही कर देगा या विषयवस्तु बदल देगा ।और गौर करेंगे जब आप प्रसंशा करते रहेंगे तो जलनशील व्यक्ति का चेहरा बदरंग दिखाई देगा या भाव भंगिमा बदल जाएगी।जलनशील व्यक्ति की एक और खासियत है कि सर्वनिन्दक होते है,जबतक दो चार लोगों की निंदा न कर लेगा तबतक नाश्ता भी नही करेगा।ये व्यक्ति किसी के घर ,किसी भोज या या किसी अन्य कार्यक्र...
प्यार एवम इश्क
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प्यार एवं इश्क प्यार एवं इश्क में बहुत ही बड़ा फर्क है i एक अगर स्वर्ग है तो दूसरा बेडा गर्क हैii प्यार मे वासना का कही स्थान नहीं है i पर इश्क तो वासना का दूसरा नाम ही है ii प्यार किसीसे कही भी खुले आम होता है i पर इश्क के खुलने पर बुरा अंजाम होता है i i प्यार प्यारा होता है ,सदा अनोखा ही होता है i पर इश्क मे हमेशा धोखा ही धोखा होता है ii प्यार का फल सदा सच्चा एवं अनूठा होता है पर इश्क का फल अक्सरहां झूठा ही होता है प्यार में ह्रदय सदा स्नेहिल एवं चंगा रहता है पर इश्क में मन सदा उद्वेलित व अँधा रहता है प्यार एक पवित्र बंधन जिसमे परमार्थ रहता है इश्क एक इकरार है जिसमे मात्र स्वार्थ रहता है प्यार का प्रभाव तो स्थायी एवं सुदीर्घ होता है पर इश्क में क्षणभर भर के लिए तृप्त होता है ii नरेन्द्र सिंह
आधुनिक बहुरिया
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आधुनिक बहुरिया आते ही बीबी कहती-मेरी बात को सुन लो, मां -बाप और मुझसे ,किसी एक को चुन लो। जहां नौकरी करते,वही मैं भी साथ रहूंगी इन दोनो की टहल ,एकदिन भी नहीं करूंगी इन बूढ़े बुढ़िया के साथ ,नहीं मैं रह सकती मैं कोई नौकरानी नही ,यहां हुई हूँ भर्ती।। इनसे अलग रहने का ,जल्दी से निर्णय ले लो, नही तो दिन रात, इस घर मे कलह को झेलो।। अगर नही माना तो सब अमन चैन मैं हर लूंगी, या तो सभी समेट ,मायके की राह मैं धर लूंगी।। दहेज देकर आई हूं ,सिर्फ मेरी ही बात चलेगी, जल्दी से अलग बसो,तब जाकर ही बात बनेगी।। नरेंद्र 10.11.2021