जलन

जलन 
जलन एक ज्वलन्त बीमारी है जो कोरोना से भी भयावह है।जलन में लोग तिल तिल कर मरता है ।अधिकांश  शारीरिक रोग व्याधि का जड़  जलन ही है।आज देशभक्तों से चमचों की जलन  काफी देखने को मिलती है।ज्योहीं सरकार की  ,देश की कुछ अच्छाई का उल्लेख करेंगे तो चमचे में तत्काल जलन होती है और तुरन्त भद्दी प्रतिक्रिया कर आपको अंध भक्त कह देगा। राजनीति में ही नहीं, आम लोगों में भी ये बीमारी प्राचीन काल से है,जिससे भाई चारे  और सम्बन्धों पर खराब असर पड़ते रहा है। जलन को परखना बहुत ही आसान है।कोई जलनशील प्राणी के सामने आप किसी राम श्याम की प्रशंसा कर देखे  ,तुरन्त वह राम श्याम के नकारात्मक पहलू रख देगा ,या निंदा कर देगा या ऐसी की तैसी बातों से  ही कर देगा या  विषयवस्तु बदल देगा ।और गौर करेंगे  जब आप प्रसंशा करते रहेंगे तो जलनशील व्यक्ति का चेहरा बदरंग दिखाई देगा या भाव भंगिमा बदल जाएगी।जलनशील व्यक्ति की एक और खासियत है कि  सर्वनिन्दक होते है,जबतक दो चार लोगों की निंदा न कर लेगा तबतक नाश्ता भी नही करेगा।ये व्यक्ति किसी के घर ,किसी भोज या या किसी अन्य कार्यक्रम में शामिल होता है तो सिर्फ खोट पर ही ध्यान देता है ,फिर चटकारे लेकर खामियां को उजागर करते फिरेगा।ज्योहीं किसी की तरक्की,किसी की सुखसमृद्धि की बात सुनेगा तो ऐसे लोगों की bp ऊंच हो जाता है।जलनशील में प्रतिस्पर्धा की भावना नही होती सिर्फ दूसरों की  हानि पर ही मस्त रहता है ।यह बीमारी अमीर  में भी पायी जाती है ,गरीब में  भी पायी जाती है।जलन मित्र से भी दुश्मन से भी, दूर से भी ,रिश्तेदार से भी ,ये अपना पराया नही देखती।
ऐसे लोगो को चिढ़ाने का या अपने पास नही फटकने देने का  सरल तरीका है आप उसके सामने दूसरों की प्रसंशा करते रहे ।
नोट-आजकल जलनशील प्राणी के परखने के सबसे बढ़िया  पारामीटर  fb पर किया गया आपका पोस्ट होता है।जलनशील मित्र आपके पोस्ट को  पढ़कर भी लाइक नही करेंगे,टिप्पणी नही करेंगे ।यह जलन का ज्वलन्त उदाहरण है।
23.06.2020।