आधुनिक बहुरिया

आधुनिक बहुरिया
आते ही बीबी कहती-मेरी बात को सुन लो,         
 मां -बाप और मुझसे ,किसी एक को चुन लो।
जहां नौकरी करते,वही  मैं भी साथ रहूंगी
इन दोनो की टहल ,एकदिन भी नहीं करूंगी
 इन बूढ़े बुढ़िया के साथ ,नहीं मैं रह सकती   
 मैं कोई नौकरानी नही ,यहां हुई हूँ भर्ती।।
इनसे अलग रहने का ,जल्दी से निर्णय ले लो,         नही तो दिन रात, इस घर मे कलह को झेलो।।
अगर नही माना तो सब अमन चैन मैं हर लूंगी,        या तो सभी समेट ,मायके की राह मैं धर लूंगी।।
दहेज देकर आई हूं ,सिर्फ मेरी  ही बात चलेगी,       जल्दी से अलग बसो,तब जाकर ही बात बनेगी।।
नरेंद्र 
10.11.2021