वहम

👌👌लोगों का यही वहम है,
                     यही अहं है,
कि हम किसी से क्या कम है?
इसी से हृदय कलुषित हो जाता है,
दिमाग संकुचित  हो जाता है,
और अपने आप मे सिमट जाता है,
मनहूसियत की चादर में लिपट जाता है।
जियो दिल खोलकर जिओ
सबसे हंस बोलकर जिओ।
क्योंकि एक ही समान है सबका अंत है
चाहे  कोई गरीब हो या  कोई रंक है।
सबको वहीं जाना है
एक ही जैसा जाना है।👌👌

💐मंगलवार का विचार💐
नरेंद्र