सच्चाई

सच्चाई
👌👌इंसानों पर ही आरोप लगाए जाते हैं
दबंगो पर तोहमत कोई लगाकर तो देखे।
धामिन पर ही शौक़ से पत्थर फेंके  जाते हैं,
कोबरा पर कोई झिकटी चलाकर तो देखे,
सज्जन के आगे ही शान बघारी जाती है, 
हैवानों के आगे कोई  खंखार कर तो देखे।
लोग फूल को  कुचल कर  आगे बढ़ जाते हैं
पर कोई कांटों पर थोड़ा चलकर  तो देखे।
इंसान रहना कितना कठिन  होता है यारो,
इंसान के अंदर कभी  कोई झांककर तो देखे।।👌👌
नरेंद्र