सावधान युग बदल गया है
शीर्षक ---सावधान युग बदल गया है!
अब मत हटाओ किसी को बाट से,
किसी को मत उठायो खाट से,
नहीं रोको ,मंदिर जाने से,
नहीं रोको ,कूप पर आने से।
सावधान! युग बदल गया है।
बंद करो अब पुरानी कहानी,
अब नहीं चल पायेगी मनमानी,
अब मुफ़्त में मत करायो बेगार,
अब मत दो ,किसी को कम पगार।
क्योंकि सब जग गया है
सावधान !युग बदल गया है।
त्याग दो ,मनुवादि विचार को,
दफना दो ,सामंती व्यवहार को,
दबे कुचले सभी को गले लगायो,
भाई चारे एवं समानत्व अपनायो।
आज सभी जग गया है,
सावधान!युग बदल गया है।
अब बंद करदो अपनी मनमौजी,
कि गरीब मौगी,सब की भौजी,
अब वह सब कुछ नहीं चलेगा,
एकतरफा अब कोई नहीं सहेगा,
चूँकि सभी जग गया है,
सावधान!युग बदल गया है।।
आज वह भी आज़ाद, तुमभी आज़ाद,
अपने रहो आबाद,किसी को मत करो बर्बाद,
प्रेम रस बांटो,और प्रेम रस पियो,
दूसरों को जीने दो, अपने भी जियो।
होशियार, सभी जग गया है,
सावधान!युग बदल गया है।।
नरेंद्र सिंह