गंगी जमुनी

नरेन्द्रोपदेश
आप राम अय्योध्या में आएँ, मैं भी जाऊँ शरीफ अजमेर,
ईद पर सवैया  आप ख़िलायो ,दीवाली पर खाएं पचमेर।।
होली के रंग में आप भी डुबो,मैं भी उठाऊँ भारी ताजिया
शादी विवाह में मिलकर गाये गीत ,गीता हो या रज़िया।।
मिलकर मनाएं छठ ,दशहरा और शबेबरात बकरीद।
आप भी मंदिर में बेहिचक आएं ,मैं भी जाऊँ मस्जिद।।
तेरी भावना को मैं, मेरी भावना को तुम ,सदा रखो ख्याल।
यह सदा हमे याद रहे कि हमसब एक ही मिट्टी के लाल।।
नमस्कार आप भी करो ,मैं भी अदब से करूँ सलाम।।
रामचरित मानस आप भी पढे,मैं भी पढूं पाक कुरान।
नेताओं के भड़काऊ भाषण पर,हमसब न दें अब कान,
धर्म के नाम वो लड़वाकर,चलाता है  वो अपनी दुकान।।
नरेंद्र
01.02.2020