वस्त्र वार्त्तालाप
👌वस्त्र वार्तालाप👌
💐प्रेस किया हुआ वस्त्र
पड़े रहने से था त्रस्त
फुलपैंट बोला शर्ट से
एक बात बोलूं झट से--
" तुम्हे कुछ हो रहा है अहसास
मालिक है कहीं आस पास?
कई दिनों से न कोई आहट
न कोई सुबुगाहट
इधर न हमे उलट रहा है
न कभी पलट रहा है
न उपयोग कर रहा है
न दुरुपयोग कर रहा है
ऐसा मानो लग रहा है
मेरा मन कह रहा है
मालिक लगता है मर गया है
या कोई आफत में पड़ गया है।"
एक गन्दा कपड़ा यह सुन झल्लाया
जोर से चिल्लाया--
"तुम लोगो पर लानत है
हमारे मालिक बिल्कुल सलामत है,
वो वेचारा बाहर जा नही रहा है
इसलिए तुम्हे अपना नही रहा है।
बाहर कोरोना ही कोरोना है
अतः उसे घर से बाहर नही होना है।
सिर्फ खाता है और पसरता है
कहीं नही तनिक ससरता है।
सुना है 14 अप्रैल तक बन्दी है
अभी पड़े रहो ,इसी में अक्लमंदी है।
मालिक पूरा स्वस्थ है
उसमे इम्युनिटी जबरदस्त है।"💐
नरेंद्र
04.04.2020