धिक्कार उद्धब

निकृष्ट उद्धव
"बाल ठाकरे चले गए,पीछे छोड़ गए गीदड़ों के झुंड;
आज शिव सेना में रह गया,केवल हिजड़ो के मुंड।
सत्ता के लिये गिर गया उद्धब, शरद -सोनिया के पैर ;
कुछ दिन सत्ता भोग लो कुत्ते, अब तेरा नही है  खैर।
एक बेटी का ऑफिस गिराया,लोकतंत्र का कैसा सूत्र;
दाऊद से डरते हो ,उसके नाम से निकलता तेरा मूत्र
एक निर्दोष पूर्व नेवी अधिकारी को ,मारा तुम्हारे कुत्ते
मुम्बई के बाहर निकलो तुम ,तुम्हे पड़ेगे अनेकों जूत्ते
एक नारी पड़ गई भारी,कहीं का नही रहा तुम छक्का,
ठाकरे का रक्त नही तुझमे,अब विश्वास हो गया पक्का।
देश द्रोहियों से लड़ने को ,कह गए थे ठाकरे साहब बाल
पर उसी से हाथ मिलाया,उनकी आत्मा को किया बेहाल। 
कलाई में चूड़ियां पहन लो ,अब मुंह ढंक लो बुरका डाल ;
 तुम अब  यह तय मान लो ,तुम्हारा और होगा बुरा हाल।"
नरेंद्र
12.09.2020