पिछड़ा गांव

शीर्षक :एक पिछड़ा गांव
लगता है ,यह गांव  ठहर गया है।
स्थाई पिछड़ापन का झण्डा फहर गया है।।
यहाँ की जनता न बिजली ,सड़क, रेल है देखी।
जो भी आई सरकारें,इसकी की है अनदेखी।।
विकास के नाम पर मात्र कुछ घर पसर गया है।
लगता है यह गांव ठहर गया है।।
चुनाव के समय नेता कितना हकड़ कर जाते है।
ये कर देंगे ,वो कर देंगे सब,कह कर जाते हैं।।
फिर जीतने के बाद ,गांव से मुंह मोड़ लेते है।
गांव को यथावत् की हालत में  छोड़ देते हैं।।
सरकारी कार्यक्रम यहाँ के लिए लहर गया है।
लगता है यह गांव ठहर गया है।।
नरेंद्र